ये अजीब नजाकत है मेरी, जब भी पास से गुजरता हूँ
दिल तो बहुत कुछ चाहता हैं मगर नजरें चुरा जाता हूँ
कहते हैं एकता में ताकत होती हैं, मैं यहीं पिछड़ जाता हूँ
दिल, दिमाग और नयनों की अनेकता मैं वो लम्हा गवां देता हूँ
कई दफ़ा बातें की हैं मैंने उससे, फ़ोन पर भी
पर किसी काम से, मन की बात थोड़े ही न बतलाता हूँ
होंगे कई अरमान भी उसके, इसी उहाँपोहं मे मैं रहता हूँ
उसकी आँखें भी कभी दौड़ेगी उस ओर, इसी का मैं इंतजार करता हूँ
प्यार एक एहसास हैं, प्यार जीवन जीने की प्रेरणा हैं
जितना धीरे धीरे बढ़ता है, रंग उतना ज्यादा गहरा होता है
उस दर्द के एहसास के कारण, मैं खुद के वाणी को रोक लेता हूँ
प्यार तो बस एक अनुभूति है, ये सबको बतलाता हूँ
ये अजीब नजाकत है मेरी, जब भी पास से गुजरता हूँ
दिल तो बहुत कुछ चाहता हैं मगर नजरें चुरा जाता हूँ