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Wednesday, December 14, 2016

भारत अद्वितीय महान है...

इतिहास कह रहा आज वर्तमान से
सिख लो कुछ हमारे भी छाँव से
ऐसी विपदा आएगी विधान से
सब कुछ छिन जायेगा हिन्दुस्तान से

आत्मा से शरीर प्राणवान है
नींव से मकान बलवान है
अब - भी बहुत जान - शान है
बनो विश्वगुरु, भारत अद्वितीय महान है

मैकॉले घोषित कर गया, कैसी यह बेतुकी शिक्षा
मानसिक अवसाद के बीज यहाँ, आत्महत्या इसकी फसल
गरीब चक्की पीस रहा, अमीर फसल काट रहे
नवोन्मेषण बना एक आडम्बर, नक़ल और प्रचार है बारम्बर

मातृभाषा को भूल, अंग्रेजी को आत्मसात किये हो
नींव को खोखला कर, भव्य इमारत की कल्पना किये हो
विकास की चाह में, संस्कृति को तुम भूल गए
भविष्य के गर्भ में, इतिहास को तुम लील गए

अरे! नालंदा और तक्षशीला इसी भूमि की देन है
महीनों जलते रहे पुस्तक यहाँ के, उसकी भी क्या शान है
अपनी भाषा में ज्ञान, एक अद्भुत वरदान है
आर्यभट्ट और चाणक्य विद्वान, शुन्य का प्रतिपादन यहाँ
बुद्ध, महावीर, कृष्ण और गांधी, अहिंसा का पाठ यहाँ

इतिहास कह रहा आज वर्तमान से
सिख लो कुछ हमारे भी छाँव से
अब भी बहुत जान - शान है
बनो विश्वगुरु, भारत अद्वितीय महान है
भारत अद्वितीय महान है...